मैडम सलमा खां, आपने इस्लाम को पढ़ा है इसलिए आप बहीं तक सीमित होकर रह गयी हो, आपको आप का अल्प ज्ञान मुबारक .... मैडम पहले सभी धर्मो का अध्ययन करो, और किसी जीवित गुरु से उसकी व्याख्या समझो, हिंदूओ में एक कहाबत है "पढ़े से काढ़ा ज्यादा गुणी है", इतिहास साक्षी है, अकबर पढ़ा नहीं काढ़ा था, वह मुग़ल वंश का सबसे अच्छा शासक था, सम्राट अशोक भी पढ़ा नहीं था, उसने बौध धर्म को विश्व पटल पर स्थापित किया ! न ही चन्द्रगुप्त मौर्य पढ़ा लिखा था, और कवीर से बड़ा भी कोई संत हुआ है क्या ? स्वयं मोहम्मद साहव भी पढ़े लिखे नहीं थे ! ...........मैंने जिनके भी नाम लिए हैं यह कोई भी लकीर के फ़क़ीर नहीं थे. इन्होंने विषय के मर्म को पहचाना है और हवा के रुख को जाना, इसलिए इन्होंने हवा का रुख बदल दिया ! .......बांकी आप की मर्जी .. वो जब आएगा तो आप से खुद निपट लेगा मैं आप से पंगा क्यों लूं ? मैं पहले ही कह चूका हूँ हो सकता है मुस्लिम उसको पहचानने से इंकार कर दें . ......... यह बात कुछ उसी तरह हुई " रात को आप कही जाने के लिये निकलो और बच्चो से कह दो कि अब सुबह को आयेंगे ! संयोग से आप को जाने का कोई साधन ही न मिले और आप घर लौट आयें तो आप के बच्चे दरवाजा ही न खोले और कहे आप तो आ ही नहीं सकती क्यों की उनकी माँ कह गयी है की वो सुबह आएँगी ".....मैडम राजनीति विज्ञान में क्या आपने संप्रभुता की परिभाषा पढ़ी है, क्या खुदा इस जगत का संप्रभु है या नहीं ? ...... हाहाहा
राशीद साहब मोहमद साहब अरब जगत के आखिरी पैगम्बर हैं , न कि विश्व जगत के !, विश्व जगत में अभी और भी पैगम्बर होंगे .............. क्या समझे ? जिसकी जमीं में कुछ पैदा ही नहीं होता बो बन्दे मातरम क्या जाने !!!!!!!!!
राशिद भाई , मोहमद साहब से पहले भी पैगम्बर आये, और फिर आ रहा है क्योकि अब हालात बदल चुके हैं ......नयी विधि और विधान दिया जाना है तो उसे आना ही पड़ा .........इतना हो सकता है जैसे मोहमद साहब को उनके वंसज नहीं पहचान पाये और पहले खलीफा, सुन्नी में हुये फिर ऐसा हो सकता है मुस्लिम कोम उसको पहचानने से इंकार कर दे या हिन्दू और ईसाई, उसको सूली पर चढ़ा दे पर वो आ चूका है....क्योकि 21 शताव्दी हिन्दुस्तान की है और हिन्दुस्तान विश्व गुरु होगा ....... पर वो किसी एक देश की सीमा तक सीमित नहीं होगा ..
राशीद साहब मोहमद साहब अरब जगत के आखिरी पैगम्बर हैं , न कि विश्व जगत के !, विश्व जगत में अभी और भी पैगम्बर होंगे .............. क्या समझे ? जिसकी जमीं में कुछ पैदा ही नहीं होता बो बन्दे मातरम क्या जाने !!!!!!!!!
राशिद भाई , मोहमद साहब से पहले भी पैगम्बर आये, और फिर आ रहा है क्योकि अब हालात बदल चुके हैं ......नयी विधि और विधान दिया जाना है तो उसे आना ही पड़ा .........इतना हो सकता है जैसे मोहमद साहब को उनके वंसज नहीं पहचान पाये और पहले खलीफा, सुन्नी में हुये फिर ऐसा हो सकता है मुस्लिम कोम उसको पहचानने से इंकार कर दे या हिन्दू और ईसाई, उसको सूली पर चढ़ा दे पर वो आ चूका है....क्योकि 21 शताव्दी हिन्दुस्तान की है और हिन्दुस्तान विश्व गुरु होगा ....... पर वो किसी एक देश की सीमा तक सीमित नहीं होगा ..
No comments:
Post a Comment