औपचारिक वार्ता प्रपत्र दिनांक : 23 नवंबर 2025
ओके, श्रीमान विलियम जी,
आप अपना कार्य निपटा लें, मैं अभी वापस हो रहा हूँ।
कल मेरी माननीय सर्वोच्च न्यायालय में PRO के साथ मीटिंग निर्धारित है, इसलिए कल समय नहीं दे पाऊँगा।
कृपया कोई अन्य सुविधाजनक समय बताने का कष्ट करें। आपने दिनांक 22 नंबर 2025 को सुझाव दिया था कि ग्रीन पार्क स्थित आपके कार्यालय से समाज कल्याण की गतिविधियाँ संचालित की जा सकती हैं—इसलिए ही मैं वहाँ का भ्रमण करना चाहता था ताकि अंतिम निर्णय ले सकूँ।
हाँ, आप जानते हैं कि मैं कार्य शैली में आक्रामक और सक्रिय रहता हूँ। मेरा उद्देश्य यह भी था कि आपके कार्यालय से कार्य करने में आपको या आपके कामकाज को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बेगमपुर से ग्रीन पार्क की दूरी भी काफी है और सुप्रीम कोर्ट के विपरीत दिशा में पड़ता है। ऐसी स्थिति में मुझे ग्रीन पार्क शिफ्ट होने पर भी विचार करना पड़ सकता है।
समाज को मजबूत बनाना हमारा लक्ष्य है, पर उससे पहले हमारे बीच एक संतुलित दूरी और स्वस्थ सहयोग बनाए रखना भी आवश्यक है। इसी कारण मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूँ कि आपके कार्यालय से कार्य करना आपके लिए भी पूर्णत: सुविधाजनक रहे।
अंतिम निर्णय हम मिलकर बैठकर ही लेंगे। जब मन दुविधा में होता है तो कई प्रकार की बाधाएँ आ जाती हैं—शायद आज वैसा ही रहा।
यदि बेगमपुर के आसपास आपका कोई कार्यालय उपलब्ध हो तो अधिक उपयुक्त होगा। अन्यथा समाजिक कार्यों—विशेषकर आर्थिक समानता के मूवमेंट और हमारे समाज के वीर साथियों को कानूनी सहायता दिलाने हेतु—आप मासिक रूप से कोई सहयोग राशि प्रदान करने पर भी विचार करें।
न्यायपालिका का कार्य धैर्य माँगता है, इसलिए हमें भी धैर्यपूर्वक कार्य करना होगा।
सामाजिक चिंतक
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्तरा
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