• "परमाणु बम जैसा खतरनाक विनाशकारी है टिहरी डैम :-
1993 में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गये एक नोट में कहा गया है कि यदि यह बाँध भूकंप या किन्ही कारणों से टूट जाता हैं तो...
* यह विशाल जलाशय 22 मिनट में खाली हो जाएगा।
* 63 मिनट में ऋषिकेश 260 मीटर पानी में डूब जाएगा।
* अगले बीस मिनट में हरिद्वार 232 मीटर पानी के नीचे होगा।
* बाढ़ का यह पानी विनाश करते हुए बिजनौर, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर को 12 घंटो में 8.5 मीटर गहरे पानी में डुबो देगा।
* करोड़ो लोगों के जान-माल का जो नुकसान होगा, वह बांध की लागत से कई गुना अधिक होगा।
* दूसरा खतरा यह है कि यह बाँध चीन की सीमा से लगभग 100 मील की दूरी पर हैं। चीन के साथ किसी संघर्ष में यदि इस बाँध को दुश्मनों द्वारा तोड़ दिया जाए तो भी विनाश का यही दृश्य उपस्थित हो सकता हैं जो भूकम्प के आने पर होगा। जल प्रलय की यह भयावह आशंका रूह को कपा देती हैं।
अगस्त, 1975 में चीन के हिनान प्रांत में इसी तरह का बांध टूटा था जिसके जल प्रलय मे 2 लाख 30 हजार लोगों की मौत हुई।

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